Tuesday, 2 February 2016

A little knowledge is dangerous thing.......

एक गावं में दो भाई रहते थे। बड़ा भाई बहुत ही अमीर था जबकि छोटे भाई के घेर खाने के भी लाले थे किन्तु बड़ा भाई बड़ा ही निर्दयी उसे अपने छोटे भाई एवं उसके परिवार से तनिक भी स्नेह ना था।
एक दिन दिवाली आई सभी के घरों में खूब रौनक थी घी के दिए जल रहे थे तरह तरह के पकवान बन रहे थे किन्तु छोटे भाई के घेर बस उदासी छाई थी कुछ भी खाने को न था उसे अपनी पत्नी और बच्चों की यह हालत देखी ना जा रही थी उसने सोचा क्यों ना बड़े भाई के घेर जाकर कुछ मदद मांगी जाये।
उसने कहा भइया मेरे घर की हालत बहुत ही ख़राब है मेरा परिवार भूखों मर रहा है आप मेरी मदद कीजिये किन्तु बड़ा भाई बहुत ही निर्दयी उसने साफ़ इंकार कर दिया।  छोटा भाई बड़ा ही दुखी होकर घर की ओऱ लौट रहा था तभी रस्ते में उसे एक बुढ़िया मिली उसने पूछा बेटा त्यौहार का समय है सभी जगह खुशहाली है फिर तुम इतने उदास क्यों हो। ........
उसने उस बुढ़िया से कहा मेरा भाई बहुत ही अमीर है और मई बहुत ही गरीब हु मेरे परिवार में खाने के लाले है फिर भी मेरे भाई ने मेरी मदद करने से मन कर दिया।  बुढ़िया ने कहा तुम मेरा यह गट्ठर मेरे घर पंहुचा दो फिर मै तुम्हे जो दूंगी उससे तुम बहुत अमीर हो जाओगे। उसने बुढ़िया की बात मानकर वह गट्ठर लेकर उसके पीछे चल दिया। जब वह उसके घर पहुंचा तो बुढ़िया ने उसे एक मालपुआ दिया और कहा इसे ले जाओ जंगल में तीन बौने रहते है उन्हें ये बहुत पसंद है इसके बदले वो तुम्हे निश्चय ही ऐसा कुछ देंगे जिससे तुम अमीर हो जाओगे।
बौनों ने उस पुए के बदले एक पत्थर की चक्की दी और कहा तुम इससे जो भी मांगोगे मिलेगा इसका इस्तेमाल करने का बाद इसे लाल कपड़े से ढ़क देना यह बंद हो जाएगी चक्की का इस्तमाल करके उसने ढेरों सामान निकला और बेचा अब वह बहुत ही अमीर हो गया उसकी अमीरी से उसका बड़ा भाई जलने लगा उसने सोचा यह रातों रात अमीर कैसा होते जा रहा है इसका पता लगाने के लिया वह चुपचाप उसके घर गया और दिवार के पीछे छुपकर सबकुछ देखने लगा अब उसे पूरी बात समझ आ गयी थी वह अपने घर वापस गया और अपनी पत्नी से बोला आज रात हम यह गावं छोड़ देंगे उसकी पत्नी के कुछ समझ ना आ रहा था रात हुई सब सो गए बड़ा भाई रात को चुपके से छोटे भाई के घर गया और चक्की चुरा लाया।
वह अपनी बीवी और बेटी के साथ उस चक्की को लेकर नांव  पर बैठकर नदी पार करने लगा नाव पर ही उसने उस चक्की से कहा चक्की चक्की नमक निकाल उसे चक्की बंद नई करनी आती थी देखते ही देखते नाव नमक से भर गई और डूब गई। 

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