जहाँ तक मुझे मालूम है, गवर्नमेंट सेक्टर में जॉब लगने के बाद 6 महीने की ट्रेनिंग करनी पड़ती है फिर उसके बाद जॉब करने को दी जाती है। गवर्नमेंट के पास पैसों और समय की कोई कमी नहीं रहती इसलिए गवर्नमेंट फ्रेशर्स को ट्रेंड करने में पैसा और समय दोनों लगाती है। लेकिन प्राइवेट सेक्टर में स्थितियाँ बिलकुल अलग होती है। प्राइवेट सेक्टर में एक बिज़नेस के मालिक को सारा पैसा खुद अपने रिस्क पर बिज़नेस में लगाना होता है। इसके अलावा मार्केट में इतना कॉम्पटीशन होता है कि जरा सी चूक या देरी आपको सालो पीछे ढकेल देती है। इसलिए प्राइवेट सेक्टर में एक बिज़नेस का मालिक अपने रिस्क को कम से कम करने के लिए, हमेशा एक्सपीरियन्स कैंडिडेट ही चाहता है। मै आपसे पूछता हूं। आप अपना कीमती मोबाइल किस दुकान से बनवाना पसंद करेंगे, जहां फ्रेशर व्यक्ति काम कर रहा है वहां या जहां अनुभवी व्यक्ति काम कर रहा है वहां? आप किस दुकान से अपना लैपटॉप बनवाना पसंद करेंगे, जहां फ्रेशर व्यक्ति काम कर रहा है वहां या जहां अनुभवी व्यक्ति काम कर रहा है वहां? आप किस स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ने भेजेंगे, जहां अनुभवी टीचर पढ़ाता है वहां या जहां फ्रेशर टीचर पढ़ाता है वहां? आप कहां अपने बाल कटवाना पसंद करेंगे, जहां अनुभवी व्यक्ति काम कर रहा है वहां या जहां फ्रेशर व्यक्ति काम कर रहा है वहां? आपको अच्छी तरह मालूम है कि आपके बाल एक माह में ही बढ़ जाएंगे फिर भी आप अनुभवी व्यक्ति से ही बाल कटवाते है। इसीलिए एक बिज़नेस का मालिक भी हमेशा अनुभवी व्यक्ति ही काम पर रखता है क्योंकि उसे अच्छी तरह मालूम है कि कस्टमर हमेशा अनुभवी व्यक्ति से ही काम कराना पसंद करता है।
फ्रेशर्स की सबसे बड़ी समस्या है कि वो बिना अनुभव के ही 15000 से 20000 प्रतिमाह कमाना चाहते हैं। इसी चक्कर में वो एक-दो साल तक केवल जॉब ही ढूढ़ते रह जाते हैं। दो साल बर्बाद करने के बाद उन्हें समझ आ जाता है कि बिना अनुभव के अच्छा पैकेज मिलना पॉसिबल नहीं है। तब वो 5000 से 10000 की जॉब ज्वाइन करते है। फ्रेशर्स को चाहिए कि वो पढ़ाई ख़त्म करते ही, अपनी चूनी हुई फील्ड में तुरंत जॉब ज्वाइन कर ले। चाहे सैलरी कम ही क्यों न हो। सैलरी की परवाह न करें। अगर दो से तीन महीने में जॉब नहीं मिलती है तो कहीं भी एज ए ट्रेनी ज्वाइन कर ले लेकिन खाली न बैठें। अगर कोई समस्या न हो तो जॉब कम से कम दो साल जरूर करें। इसके बाद अपने मालिक से बात करें और अपनी सैलरी बड़वाए। वैसे ज्यादा अच्छा ये रहेगा कि आप कहीं दूसरी जगह जॉब सर्च करते रहे और अपने मन मुताबिक सैलरी मिलने पर जॉब छोड़ दें क्योंकि आपका पुराना मालिक 10 से 20 प्रतिशत सैलरी बढ़ाएगा जबकि नई जगह दुगना भी ऑफर हो सकता है। ये मेरा खुद का पर्सनल एक्सपीरियन्स है। इस तरह आप भी फ्रेशर्स से एक्सपीरियंस्ड कैंडिडेट की श्रेड़ी में आ जाएंगे।
